बेरोजगारी पर निबंध| Unemployment Essay in hindi (2022)

बेरोजगारी पर निबंध:-नमस्कार दोस्तों, आप सभी का स्वागत है, आज के समय में बेरोजगारी काफी हद तक बढ़ गई है, क्योकि जो व्यक्ति पढ़े लिखे हुये है उन्हें कम सैलरी में काम नही करना है और जो काम करना चाहते है कम सैलरी में उनके पास उतना क्वालिफिकेशन नही है, और दूसरा मुख्य वजह वर्तमान समय में मशीनीकरण हो जाने से लोग बेरोजगार हो रहे है, आये दिन सुनने को मिलता है कि आज इतने लोग बेरोजगारी से परेशान होकर आत्महत्या कर लिए।

वर्तमान समय मे बेरोजगारी किसी भी देश के विकास में प्रमुख बाधाओं में से एक है, एवं हमारे देश भारत में बेरोजगारी एक गंभीर मुद्दा है, व यह शिक्षा का अभाव, रोजगार के अवसरों की कमी व प्रदर्शन संबंधी समस्याएं कुछ ऐसे कारक हैं जो बेरोज़गारी का कारण बना हुआ है। इस समस्या को खत्म करने के लिए भारत सरकार को प्रभावी कदम उठाने की ज़रूरत है।एवं विकासशील देशों के सामने आने वाली मुख्य समस्याओं में से एक बेरोजगारी है, तथा यह केवल देश के आर्थिक विकास में खड़ी प्रमुख बाधाओं में से ही एक नहीं बल्कि व्यक्तिगत व पूरे समाज पर भी एक साथ कई तरह के नकारात्मक प्रभाव डालता है। इस पोस्ट में आपको हम बेरोजगारी पर निबंध के बारे में विस्तार से बतायेंगे।

बेरोजगारी पर निबंध 10 लाइन में

वर्तमान समय के अनुसार देखते है हम तब आज के समय मे बेरोजगारी काफी हद तक बढ़ रहा है, एवं 10 लाइन निम्न है-

  1. हमारे देश में आज भी अधिकांश लोग अनपढ़ है तथा बेरोजगारी का प्रमुख कारण अशिक्षा ही है, वर्तमान समय मे लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है।
  2. अपने स्वयं के व्यवसाय को बनाकर लोग अपना रोजगार शुरू कर सकते है एवं स्वयं का व्यवसाय बनाकर हम अपना रोजगार की प्राप्त कर सकते है।
  3. हमारे देश में आज हर काम मशीनों द्वारा किया जा रहा है इस कारण मशीन कार्य को शीघ्र करता है, इस लालच में आज हमारे देश में बेरोजगारी बढ़ती जा रहा है।
  4. व्यक्ति रोजगार के लिए योग्य होता है पर उन्हें रोजगार प्राप्त करने का कोई साधन न मिले उसे हम बेरोजगारी कहते है।
  5. वर्तमान समय मे हमारे देश को आज कई सत्यनिष्ठ लोगो की जरुरत है, लेकिन भ्रष्टाचार के चलते लोग नौकरी प्राप्त कर लेते है तथा योग्य लोग आज के समय मे बेरोजगार ही रह जाते है।
  6. बेरोजगारी से कई दुष्प्रभाव देखे जा सकते है, तथा बेरोजगारी के कारण लोग गैर क़ानूनी कार्यो को अपने रोजगार का साधन मानने लग जाते है।
  7. एक युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है तथा एक शिक्षित व्यक्ति हर कार्य को करने के लिए अनुकूलित होता है एवं कृषि से लेकर नई वस्तुओ के निर्माण तक एक बेरोजगार कार्य कर सकता है।
  8. हर शिक्षित के पास इतनी योग्यता रहता है कि वह अपने कार्य से देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
    9.बेरोजगारी हमारे देश के लिए अभिशाप है, तथा इससे हमारे जीवन की तथा देश की आर्थिक स्थिति कमजोर दिन ब दिन हो रहा है, इसलिए इसके प्रबंधन करने की जरुरत है एवं ”बेरोजगारी दूर भगाओ सबको रोजगार दिलाओ।
    10.आज हमारे देश की जनसँख्या 130 करोड़ है व इस जनसँख्या पर नियंत्रण बनाये रखना भी बड़ा काम है, पर सभी को रोजगार देना संभव नहीं है।

बेरोजगारी पर निबंध 100 शब्द में

आज के समय में हम बेरोजगारी को एक ऐसी अवस्था से लेते हैं जिसमें व्यक्ति वर्तमान मजदूरी की दर पर काम करने को तैयार है परन्तु उन्हें काम नहीं मिलता, तथा किसी देश में बेरोजगारी की अवस्था वह अवस्था है जिसमें देश में बहुत से काम करने योग्य व्यक्ति हैं व वह वर्तमान मजदूरी की दर पर काम करने के लिए तैयार हैं परन्तु उन्हें कई कारणों से काम नहीं मिल रहा है।

बेरोजगारी का अनुमान लगाते समय केवल उन्हीं व्यक्तियों की गणना की जाती है जो काम करने के योग्य हैं, काम करने के इच्छुक हैं तथा वर्तमान मजदूरी पर काम करने को तैयार हैं। पर हम उन व्यक्तियों को जो काम करने के योग्य नहीं है जैसे-बीमार, बूढ़े, बच्चे, विद्यार्थी आदि को बेरोजगारों में शामिल नहीं करते है, इसी प्रकार जो लोग काम करना ही पसन्द नहीं करते उनकी गणना भी बेरोजगारों में नहीं किया जाता है।

आज के समय में हम इस तरह से देखते है तब भी दिन ब दिन बेरोजगारी दर बढ़ रहा है जिसे खत्म करना बहुत ही आवश्यक हो गया नही तो हम विकासशील देश से कभी विकसित देश नही बन पायेंगे।

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बेरोजगारी पर निबंध 250 शब्द में

आज के समय मे बेरोजगारी समाज के लिए एक अभिशाप बन गया है, तथा इससे न केवल व्यक्तियों पर बुरा प्रभाव पड़ता है परन्तु बेरोजगारी पूरे समाज को भी प्रभावित करता है, एवं कई कारक हैं जो बेरोजगारी का कारण बनता है, यहां इन कारकों की विस्तार से व्याख्या की गई और इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए संभावित समाधान बताये गये हैं।

भारत में बेरोजगारी को बढ़ाने वाले कारक

जनसंख्या में वृद्धि – देश की जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हो रहा है जो आज के समय में बेरोजगारी के प्रमुख कारणों में से एक है।

मंदा आर्थिक विकास – देश के धीमे आर्थिक विकास के परिणामस्वरूप लोगों को रोजगार के कम अवसर प्राप्त हो रहा है, जिससे बेरोजगारी दर बढ़ रहा है।

कुटीर उद्योग में गिरावट– वर्तमान समय मे कुटीर उद्योग में उत्पादन काफी गिर गया है तथा इस वजह से कई कारीगर बेरोजगार हो गये हैं।

बेरोजगारी का समाधान

जनसंख्या पर नियंत्रण– यह सही समय है जब भारत सरकार देश की आबादी को नियंत्रित करने के लिए कठोर कदम उठाए और जनसंख्या नियंत्रण काननू लेकर आ जाये।

शिक्षा व्यवस्था- वर्तमान समय मे भारत में शिक्षा प्रणाली कौशल विकास की बजाय सैद्धांतिक पहलुओं पर केंद्रित है तथा कुशल श्रमशक्ति उत्पन्न करने के लिए प्रणाली को सुधारना होगा, और लोगो को शिक्षा के प्रति जागरूक करने की जरूरत है।

औद्योगिकीकरण– आज के समय मे लोगों के लिए रोज़गार के अधिक अवसर बनाने के लिए सरकार को औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाना चाहिए।

उपसंहार :

देश में बेरोजगारी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है यह आज का नही है, हालाँकि सरकार ने रोजगार सृजन के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं लेकिन अब तक वांछनीय प्रगति हासिल नहीं हो पाई है, नीति निर्माताओं व नागरिकों को अधिक नौकरियों के निर्माण के साथ ही रोजगार के लिए सही कौशल प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने चाहिए।

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बेरोजगारी पर निबंध 300 शब्द में

प्रस्तावना :

आज के समय में हमारे देश में बेरोजगारी एक बहुत बड़ी समस्या है तथा बेरोजगार उन लोगों को कहा जाता है जो लोग कार्य करने के योग्य होते हैं, पर उन्हें कोई भी काम करने को नहीं मिलता है, एवं जिससे उन्हें अपना जीवन जीने में कठिनाइयां महसूस होता है क्योंकि इन लोगों के पास पैसे नहीं होते हैं।

बेरोजगारी क्या है:

वर्तमान में हमारे देश में लाखों ऐसे लोग हैं जिन्हें कोई रोजगार नहीं मिला है तथा इन लोगों को जब रोजगार नहीं मिलता है, तब इनके पास पैसे नहीं आते हैं व इसलिए इन्हें जीवन व्यतीत करने में परेशानी होता है, इसलिये बेरोजगारी दर बढ़ जाता है जो नियमित बढ़ रहा है।

बेरोजगारी के कारण

वर्तमान में हमारे देश में बेरोजगारी के बहुत सारे कारण हैं व इन सभी कारणों की वजह से देश की बेरोजगारी बढ़ रहा है जो कि निम्न है

  • आये दिन हमारे देश की जनसंख्या बढ़ रहा है जिस कारण बेरोजगारी की समस्या बहुत ज्यादा उत्पन्न हो रहा है क्योंकि जब लोग ज्यादा होंगे तब नौकरियां कम होगा और बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न होगा।
  • शिक्षा की कमी या पूरी तरह शिक्षा ना मिलने के कारण लोगों को सही जानकारी नहीं मिलता है व बिना शिक्षा के ऐसे लोग बेरोजगार हो जाते हैं।
  • •वर्तमान में बहुत से लोग केवल सरकारी नौकरी की तलाश में रहते हैं, व सरकारी पद कम और लोगो की संख्या ज्यादा होने के कारण कुछ लोग ही सरकारी पद पर नौकरी कर पाते हैं तथा बाकी बचे लोग सरकारी नौकरी की तलाश में बेरोजगार ही रह जाते हैं।
  • मंदा औद्योगिक विकास होने के कारण बेरोजगारी कि समस्या दिन ब दिन उत्पन्न हो रहा है।
  • वर्तमान में मशीनीकरण के कारण कुटीर उद्योग में गिरावट से भी बेरोजगारी समस्या उत्पन्न हो रहा है।
  • हमारे देश मे तकनीकी उन्नति ना होने के कारण भी बेरोजगारी समस्या बढ़ रहा है।

बेरोजगारी को कम करने के उपाय

यदि हमें अपने देश से बेरोजगारी को जड़ से खत्म करना है तब इसके लिए हमें सभी लोगों को सही जानकारी और शिक्षा प्रदान करना होगा
और हमें अपने देश की बढ़ती जनसंख्या को रोकना होगा क्योंकि बेरोजगारी का सबसे बड़ा कारण जनसंख्या ही है तथा इसके लिए सरकार को कड़े कानून लाने पड़ेंगे, साथ ही हमें उन सभी स्थानों पर मशीन का इस्तेमाल नहीं करना है जहां पर इंसान आराम से काम कर सकते हैं क्योंकि यह भी एक बहुत बड़ा कारण है बेरोजगारी बढ़ाने का क्योंकि जब सारे काम मशीन से हो रहा होता है तब लोगों को नौकरी नहीं मिलता है जिससे बेरोजगारी बढ़ती है।

उपसंघार

वर्तमान में बेरोजगारी को कम करने के लिए हमारे साथ साथ सरकार का भी सहयोग होना बहुत जरूरी है तथा सरकार इन सब बातों पर ध्यान दे रहा है पर उन्हें इस समस्या का समाधान जल्दी करना होगा नहीं तो आगे चलकर बेरोजगारी के कारण दंगे और चोरियां बढ़ने की संभावना है।

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प्रस्तावना :
वर्तमान में बेरोजगारी एक गंभीर समस्या है, तथा शिक्षा की कमी, रोजगार के अवसरों की कमी, कौशल की कमी, प्रदर्शन संबंधी मुद्दे व बढ़ती आबादी सहित कई कारक भारत में इस समस्या को बढ़ाने में अपना योगदान देता है, तथा व्यग्तिगत प्रभावों के साथ-साथ पूरे समाज पर इस समस्या के नकारात्मक नतीजे हम आसानी से देखे सकते हैं। सरकार ने इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए कई तरह कदम उठाये हैं।

बेरोजगारी दर कम करने का उपाय :

वर्तमान समय मे अनेक तरह से हम बेरोजगारी दर को कम कर सकते है वह निम्न है-

रोजगार गारंटी योजना– बेरोजगार लोगों को इस योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान किया जाता है, तथा इसे वर्तमान में अनेक राज्यों में शुरू किया गया है।

विदेशी देशों में रोजगार – सरकार विदेशी कंपनियों में रोजगार पाने में लोगों की मदद करता है एवं अन्य देशों में लोगों के लिए काम पर रखने के लिए विशेष एजेंसियां स्थापित किया गया है

लघु और कुटीर उद्योग– बेरोजगारी के मुद्दे को कम करने के प्रयास में सरकार ने छोटे व कुटीर उद्योग भी विकसित कर रहा है, और । कई लोग इस पहल के साथ अपनी जीविका अर्जित कर रहे हैं, और इसका लाभ उठा रहे है।

बेरोजगारी के प्रकार :

वर्तमान समय मे अनेक तरह की बेरोजगारी होता है लेकिन कुछ मुख्य बेरोजगारी निम्न है-

चक्रीय बेरोजगारी – यह बेरोजगारी व्यावसायिक गतिविधियों के समग्र स्तर में कमी से होता है, तथा यह घटना थोड़े समय के ही लिए है।

शिक्षित बेरोजगारी– यदि आप उपयुक्त नौकरी खोजने में असमर्थता, रोजगार योग्य कौशल की कमी व दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली जैसे कुछ कारण हैं जिससे शिक्षित बेरोजगार रहता है।

ठेका बेरोज़गारी– इस तरह के बेरोजगारी में लोग या तो अंशकालिक आधार पर नौकरी करते हैं या फिर उस तरह के काम करते हैं जिसके लिए वे अधिक योग्य हैं।

योग्य बेरोजगारी – इसमें योग्यता के अनुरूप कार्य नही मिलता है जिस कारण से लोग बेरोजगार रहते है।

बेरोजगारी का परिणाम :

आज के समय मे अनेक तरह के परिणाम बेरोजगारी बढ़ने के कारण मिल रहा है जो कि निम्न है-

गरीबी में वृद्धि– यह कथन बिल्कुल सत्य है कि बेरोजगारी दर में वृद्धि से देश में गरीबी की दर में वृद्धि हो रहा है और देश के आर्थिक विकास को बाधित करने के लिए बेरोजगारी मुख्यतः जिम्मेदार है।

अपराध दर में वृद्धि– आज के समय मे एक उपयुक्त नौकरी खोजने में असमर्थ बेरोजगार आमतौर पर अपराध का रास्ता अपना लेता है क्योंकि यह पैसा बनाने का एक आसान तरीका है। चोरी, डकैती व अन्य भयंकर अपराधों के तेजी से बढ़ते मामलों के मुख्य कारणों में से एक बेरोजगारी है।

श्रम का शोषण– आज के समय मे कर्मचारी आम तौर पर कम वेतन की पेशकश कर बाजार में नौकरियों की कमी का लाभ उठाते हैं। अपने कौशल से जुड़ी नौकरी खोजने में असमर्थ लोग आमतौर पर कम वेतन वाले नौकरी के लिए व्यवस्थित होते हैं।

निष्कर्ष :

आज के समय मे बेरोजगारी समाज में विभिन्न समस्याओं का मूल कारण है, तथा सरकार ने इस समस्या को कम करने के लिए पहल किया है पर उठाये गये उपाय पर्याप्त प्रभावी नहीं हैं तथा इस समस्या के कारण विभिन्न कारकों को प्रभावी व एकीकृत समाधान देखने के लिए अच्छी तरह से अध्ययन किया जाना चाहिए एवं यह समय है कि सरकार को इस मामले की संवेदनशीलता को पहचानना चाहिए तथा इसे कम करने के लिए कुछ गंभीर कदम उठाने चाहिए।

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