हिंदी भाषा पर निबंध|हिंदी भाषा पर निबंध 10 लाइन(200,300,500,600,800 शब्द)

हिंदी भाषा पर निबंध:-हिंदी भाषा भारत में बोली जाने वाली ऐसी भाषा है जो पुरे भारत में सबसे अधिक बोली जाती है, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि भारत में हिंदी भाषा को राष्ट्रीय भाषा का स्थान मिला हुआ है लेकिन यह सत्य नहीं है हिंदी भाषा को लेकर और भी बहुत सी भ्रान्ति लोगों के मन में हमेशा से रही हैं आज हम इस निबंध में आपको हिंदी भाषा के बारे में विस्तार से बताएंगे और आपकी हिंदी भाषा से जुड़े जितनी भी भ्रांतियां हैं उनको दूर करने का प्रयास करेंगे।

हिंदी भाषा पर निबंध
हिंदी भाषा पर निबंध 200,300,500,600,800 शब्द में

हिंदी भाषा पर निबंध 10 लाइन(Hindi essay on hindi language)

  1. हिंदी हमारे देश में एक अधिकारिक भाषा के रूप में जानी जाती है, और हिंदी भाषा को भारत की राष्ट्रभाषा भी कहा जा सकता है।
  2. हिंदी उत्तर भारत में बोली जाने वाली भाषा है उत्तर भारत में सबसे ज्यादा हिंदी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, और हिंदी को सहयोगी राष्ट्रभाषा का का दर्जा भी प्राप्त है।
  3. भारत में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से यह मांग उठी कि हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा प्राप्त होना चाहिए लेकिन हिंदी को राष्ट्रभाषा नहीं कहा जा सकता है क्योंकि भारत में रहने वाली एक बड़ी जनसंख्या हिंदी भाषा का ज्ञान नहीं रखती है।
  4. भारत में एक बड़ी जनसंख्या ऐसी है जिसको हिंदी भाषा का ज्यादा ज्ञान नहीं है और वह अपने संगवाद के लिए हिंदी भाषा का इस्तेमाल नहीं करते हैं जिसका बड़ा कारण यह है कि हिंदी भाषा में संस्कृत शब्दों का भी इस्तेमाल किया जाता है और ज्यादातर लोगों को संस्कृत की अधिक जानकारी नहीं है।
  5. इसलिए हिंदी को राष्ट्रभाषा कहा तो जाता है लेकिन संविधान में कहीं भी हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ है।
  6. सन 1949 में सिर्फ 1 वोट के अंतर पर हिंदी भाषा को राजभाषा के रूप में चुना गया लेकिन इसके साथ ही अंग्रेजी भाषा को भी 15 वर्ष के लिए राजभाषा के रूप में चुना गया।
  7. अंग्रेजी को इसलिए भी ज्यादा महत्व दिया गया क्योंकि उस समय तक जितने भी सरकारी अभिलेख थे वह अंग्रेजी मे मौजूद थे। यही कारण है कि उस समय हिंदी भाषा के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा को भी महत्व दिया गया।
  8. भारत में जो हिंदी संवाद के लिए इस्तेमाल की जाती है आपको यह जानना आवश्यक है कि वह शुद्ध हिंदी नहीं है बल्कि हिंदी और उर्दू का एक मिश्रण है।
  9. हिंदी में ऐसे बहुत सारे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है जो असल में खुद हिंदी के नहीं बल्कि उर्दू की शब्दावली के है लेकिन जब हिंदी और उर्दू साथ में मिलकर संवाद बनाती है तो वह काफी अच्छा लगता है।
  10. भारतीय राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी हिंदी और उर्दू के शब्दों से मिली भाषा बोलते थे और वह इसे हिंदुस्तान की भाषा कहा करते थे, वर्तमान समय में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो शुद्ध हिंदी का इस्तेमाल करता हो।

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हिंदी भाषा पर निबंध 200 शब्द में

परिचय

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि भारत में रहने वाली एक बड़ी जनसंख्या अपनी आम बोलचाल की भाषा के लिए हिंदी भाषा का इस्तेमाल करती है लेकिन यह नहीं कहा जा सकता है कि वह अपनी आम बोलचाल की भाषा के लिए शुद्ध हिंदी भाषा का इस्तेमाल करती है, हालांकि जिस भाषा का इस्तेमाल अक्सर किया जाता है वह हिंदी और उर्दू से मिली हुई एक भाषा है जिसका इस्तेमाल भारत में काफी लंबे समय से किया जा रहा है।

सन 1949 में हिंदी भाषा के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा को अगले 15 वर्ष के लिए राजभाषा का दर्जा दिया गया यह इसलिए किया गया था ताकि उस समय तक जितने भी सरकारी अभिलेख अंग्रेजी भाषा में मौजूद थे अगले 15 वर्ष में उन सभी का अनुवाद हिंदी भाषा में कर दिया जाए लेकिन यह हो नहीं पाया। और अनिश्चित काल के लिए सरकारी कामकाज में अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल होने लगा। वर्तमान समय में भी केंद्र की अधिकृत भाषा अंग्रेजी ही है।

और आज भी केंद्र में जितने भी सरकारी कार्य होते हैं उनमें अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है की आपको हिंदी भाषा बोलने की स्वतंत्रता नहीं है, हमें इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि हिंदी भाषी राज्य भी केंद्र के साथ अंग्रेजी भाषा में पत्राचार करते हैं।

हिंदी भाषा पर निबंध 300 शब्द

परिचय

हर वर्ष 14 सितंबर को भारत में हिंदी दिवस मनाया जाता है, इसकी शुरुआत 1949 में की गई थी जब हिंदी को राज्य भाषा का दर्जा प्राप्त हुआ था, लेकिन हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा आज भी प्राप्त नहीं हुआ है। यह भारत में रहने वाले जितने भी लोग अपने आम बोलचाल की भाषा के लिए हिंदी भाषा का इस्तेमाल करते हैं उन सभी के लिए एक गर्व का समय था ।

जब 1949 में हिंदी को आधिकारिक राजभाषा के रूप में घोषित किया गया है लेकिन इसको पूरी तरह से स्वीकृति 1950 में दी गई।

वर्तमान समय में हिंदी दिवस को बहुत ज्यादा उत्साह और खुशी के साथ मनाया जाता है स्कूलों में जो विद्यार्थी हिंदी भाषा का इस्तेमाल करते हैं वह हिंदी दिवस पर निबंध लिखते हैं और स्पीच तैयार करते हैं उसी प्रकार अध्यापक भी स्कूल में मौजूद सभी विद्यार्थियों को हिंदी भाषा का महत्व बताते हैं और यह ज्ञान देते हैं कि भारत में किस तरह एक बड़ी जनसंख्या हिंदी भाषा का इस्तेमाल कर रही है और उसमें कितनी शुद्ध हिंदी का इस्तेमाल किया जा रहा है और उसमें कितनी उर्दू भी सम्मिलित है।

यही नहीं जो लोग हिंदी के क्षेत्र में अच्छे कार्य करते हैं और हिंदी का महत्व और ज्यादा बढ़ाते हैं उन लोगों को राष्ट्रपति द्वारा 14 सितंबर को दिल्ली के विज्ञान भवन में पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है, जो कि अपने आप में एक बहुत ही गर्व का विषय है।

भारत में रहने वाले हर नागरिक के लिए हिंदी दिवस को मनाना बहुत ज्यादा आवश्यक है क्योंकि यदि हिंदी दिवस को मनाया जाएगा तभी हम विश्व में हिंदी का महत्व बढ़ा सकेंगे क्योंकि विश्व में हिंदी भाषा का इतना अधिक महत्व नहीं है क्योंकि वर्तमान समय में भारत में रहने वाले अधिकतर लोग जो हिंदी बोलते हैं वह भी कई जगहों पर हिंदी भाषा का इस्तेमाल नहीं करते हैं और वह यह समझते हैं कि हिंदी भाषा का इस्तेमाल सिर्फ आम बोलचाल की भाषा के लिए ही बेहतर है उसका इस्तेमाल अधिक लोगों के बीच में नहीं करना चाहिए जो कि बहुत ज्यादा गलत है।

हिंदी भाषा पर निबंध 500 शब्द

परिचय

अगर यह कहा जाए कि भारत में रहने वाली एक बड़ी जनसंख्या हिंदी भाषा का इस्तेमाल करती है और वह सिर्फ हिंदी भाषा का ही ज्ञान रखती है तो यह बिल्कुल सत्य है क्योंकि भारत में रहने वाले अधिकतर लोग सिर्फ हिंदी भाषा को ही जानते हैं और उसका ही इस्तेमाल आम बोलचाल के लिए करते हैं। लेकिन जैसा कि भारत एक बड़ी जनसंख्या वाला देश है इसलिए भारत में हिंदी के अलावा भी अनेक भाषाएं बोली जाती हैं और उन सभी भाषाओं का भी महत्व अपने आप में अधिक है।

भ्रांति

अधिकतर लोगों का मानना है कि हिंदी भाषा का महत्व अधिक है और इसलिए हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा प्राप्त है लेकिन उनको यह जानकारी होनी चाहिए कि हिंदी भाषा को राजभाषा का दर्जा प्राप्त है ना की राष्ट्रभाषा का, इसका अर्थ यह है कि हिंदी भाषा का महत्व तो अधिक है लेकिन फिर भी भारत में रहने वाली एक बड़ी जनसंख्या हिंदी भाषा के अलावा अन्य भाषाओं का इस्तेमाल करती है और यही कारण है कि हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि महात्मा गांधी यही चाहते थे कि हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा मिले लेकिन यह संभव नहीं हो सका।

संस्कृत से निकली हिंदी ने अपने साथ कई भाषाओं को भी ग्रहण किया है फिर चाहे वह भाषा विदेशी ही क्यों ना हो हिंदी भाषा में सभी भाषाओं से शब्द ग्रहण किए हैं।

हिंदी भाषा इतिहास

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हिंदी भाषा का उदय संस्कृत भाषा से हुआ है और देवनागरी लिपि में हिंदी भाषा को लिखा जाता है, और यही नहीं हिंदी भाषा से ही बहुत सी और भी भाषाएं निकली है भोजपुरी और मारवाड़ी इत्यादि जैसी भाषाएं हिंदी भाषा से ही निकली है।

इस बात में कोई संदेह नहीं है हिंदी भाषा में समय-समय पर बहुत ज्यादा बदलाव होते रहे हैं और हिंदी भाषा को प्राचीन समय से बोला जा रहा है लेकिन वर्तमान समय में जिस हिंदी भाषा का इस्तेमाल आम बोलचाल की भाषा के लिए किया जा रहा है वह शुद्ध हिंदी नहीं है, भारत में हर स्थान और क्षेत्र के मुताबिक हिंदी भाषा आपको बदली हुई नजर आ जाएगी।

हिंदी शब्द का उद्गम सिंधु शब्द से हुआ लेकिन वर्तमान समय में सिंधु भाषा इसलिए नहीं कहा जाता क्योंकि उस समय ईरान के लोग सा को हा कहा करते थे इस प्रकार सिंधु शब्द हिंदू में परिवर्तित हो गया और समय के साथ-साथ हिंदू शब्द हिंदी कहलाने लगा। कोई भी भाषा जितनी सरल होती है वह उतनी ही सुंदर भी होती है जिस भाषा में सरलता होती है उसकी सुंदरता भी बढ़ जाती है हिंदी एक ऐसी ही भाषा है जो बहुत सरलता के साथ बनाई गई है, भारतीय हिंदी भाषा मे वर्णों की संख्या 52 है जिनमें 11 स्वर और 41 व्यंजन है।

आपको इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि हिंदी भाषा सिर्फ भारत में ही नहीं बोली जाती नेपाल, मॉरीशस,फिजी जैसे देशों में भी हिंदी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इन इन देशों में भी शुद्ध हिंदी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाता है जो भाषा यहाँ बोली जाती है उसे मिश्रित हिंदी कह सकते हैं।

हिंदी भाषा पर निबंध 800 शब्द

परिचय

भारत में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद जब संविधान का निर्माण किया जा रहा था और उस समय एक बड़ा सवाल यह था कि भारत की राष्ट्रभाषा क्या होनी चाहिए क्योंकि एक बड़ी जनसंख्या में लोग अपनी आम बोलचाल के संवाद के लिए हिंदी भाषा का इस्तेमाल करते थे लेकिन वहीं कुछ लोग ऐसे भी थे ।

जो हिंदी भाषा का ज्ञान नहीं रखते थे और वह अन्य भाषाओं का इस्तेमाल करते थे, और एक राष्ट्रभाषा में जो जो गुण होने चाहिए वह सभी हिंदी भाषा में मौजूद थे क्योंकि एक राष्ट्रभाषा ऐसी होनी चाहिए जो अन्य भाषाओं को भी अपने निकट ला सके, उस भाषा के पास एक महान साहित्य हो जो हिंदी भाषा के पास मौजूद था, इसलिए इस विषय पर बहुत गंभीर विचार किया गया। हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए सभी लोगों ने अपने अपने विचार प्रस्तुत किए जिनमें कुछ लोग इसके विरोध में थे तो कुछ लोग उसके समर्थन में थे।

हिंदी भाषा को लेकर विवाद

जब हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने का प्रस्ताव रखा गया उस समय इस बात का कई लोगों ने विरोध किया जो लोग पश्चिमी भाषा से प्रभावित थे उनका कहना यह था कि भारत में रहने वाली बड़ी जनसंख्या हिंदी भाषा का ज्ञान नहीं रखती है और वह अपने आम बोलचाल की भाषा के लिए हिंदी भाषा का इस्तेमाल नहीं करती है इसलिए अगर वह हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा दे देंगे तो उनमें झगड़ा हो सकता है और एक भेदभाव की स्थिति पैदा हो जाएगी।

उन लोगों का यह भी मानना था कि हिंदी भाषा पूरी तरह से विकसित नहीं है इसमें परिभाषिक शब्दों का बहुत अधिक अभाव है। जो की पूरी तरह से गलत है बल्कि हिंदी भाषा का विकसित और उन्नत साहित्य है। लेकिन बहुत ज्यादा विचार विमर्श के बाद हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा ना देते हुए राजभाषा का दर्जा दिया गया।

वर्तमान समय में हिंदी भाषा की स्थिति

वर्तमान समय में हिंदी भाषा का इस्तेमाल भारत में रहने वाली एक बड़ी जनसंख्या कर रही है लेकिन अधिकतर लोग हिंदी भाषा के महत्व को नहीं समझते हैं और हिंदी भाषा के अलावा अंग्रेजी भाषा को ज्यादा महत्व देते हैं। यह बात बिल्कुल सत्य है कि यदि आप अंग्रेजी भाषा का ज्ञान रखते हैं तो आप अपनी बात अनेक लोगों तक पहुंचा सकते हैं ।

लेकिन इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि हिंदी भाषा का प्रयोग करना आपकी काबिलियत को कम करता है, वर्तमान समय में अधिकतर विद्यार्थी हिंदी भाषा की तुलना में अंग्रेजी भाषा पर अधिक ध्यान देते हैं और उसमें ही संवाद करना पसंद करते हैं, इसे वह अपने तरीके से सही भी ठहरा सकते हैं लेकिन यदि आप हिंदी भाषा का ज्ञान रखते हैं और फिर भी आप हिंदी भाषा का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो यह बिल्कुल गलत है।

वर्तमान समय में विश्व भर में अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है अंग्रेजी भाषा के अलावा भी बहुत सारी भाषाओं का महत्व विश्व भर में अधिक है लेकिन अन्य भाषाओं की तुलना में हिंदी भाषा सबसे पीछे नजर आती है जिसका एक बड़ा कारण यह भी है कि हिंदी भाषा का इस्तेमाल भारत में ही कम किया जा रहा है, भारत में कुछ लोग हिंदी भाषा को सिर्फ वैकल्पिक भाषा के रूप में इस्तेमाल करते हैं। बड़े-बड़े शिक्षण संस्थान में अंग्रेजी भाषाओं को सिखाया जाता है अंग्रेजी भाषा बोलने के तरीके को विद्यार्थियों को सिखाया जाता है। और यही कारण है जो वर्तमान समय में हिंदी भाषा का महत्व कम होता जा रहा है।

हिंदी भाषा प्राचीन समय से भारत में बोली जा रही है और यह कहना गलत नहीं होगा कि हिंदी भाषा कहीं ना कहीं हमारी संस्कृति को भी दर्शाती है और अगर हिंदी भाषा का का महत्व कम हो जाएगा तो कहीं ना कहीं उसका असर हमारी संस्कृति पर भी ज़रूर पड़ेगा।

निष्कर्ष

पिछले कुछ समय में हिंदी भाषा का महत्व काफी कम हुआ है लेकिन वर्तमान समय में ऐसे भी बहुत से लोग हैं जो हिंदी भाषा के क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रहे हैं और हिंदी भाषा के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। हिंदी भाषा का महोत्सव सिर्फ हिंदी दिवस पर ही नहीं बल्कि हर दिन मनाना चाहिए क्योंकि हिंदी एक ऐसी भाषा है। जिसका महान साहित्य है और स्कूल में या कॉलेज में पढ़ने वाले हर विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य की जानकारी रखना जरूरी है।

इससे वह हिंदी भाषा के बारे में और विस्तार से जान सकेंगे और उनका प्रेम भी हिंदी भाषा को लेकर बढ़ेगा। इसका यह अर्थ बिल्कुल भी नहीं है कि अंग्रेजी भाषा का ज्ञान आवश्यक नहीं अंग्रेजी एक ऐसी भाषा है जो विश्व भर में सबसे अधिक इस्तेमाल की जाती है तो विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी भाषा का ज्ञान तो होना ही चाहिए लेकिन हिंदी भाषा का ज्ञान होना भी उतना ही आवश्यक है क्योंकि हिंदी भाषा हमारे देश की राजभाषा है।

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