(Pdf)Azadi ka Amrit Mahotsav Essay in hindi|आजादी का अमृत महोत्सव निबंध 2022

किस विचारक ने कहा है कि स्वतंत्रता का अभाव ही असली स्वतंत्रता है जिसका अर्थ यह है कि जब आपसे आप की स्वतंत्रता छीन लइ जाती है उस समय असली स्वतंत्रता का एहसास होता है, साल 2022 में भारत को आजादी के 76 वर्ष पूरे होने वाले हैं, हर 25 साल में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जाता है ताकि आजादी की कहानियां आज के बच्चों तक पहुंचाई जा सके और उन्हें बताया जा सके कि आजादी को हासिल करने में भारत को कितना संघर्ष करना पड़ा, कितने बलिदान देने पड़े उसके बाद कहीं जाकर भारत को आजादी मिली।

आज अपने निबंध के माध्यम से हम आपको आजादी का असली महत्व बताने का प्रयास करेंगे और उस संघर्ष की बात करेंगे जो कई वर्षों तक किया गया और उसके बाद कहीं जाकर भारत को स्वतंत्रता प्राप्त हुई, तो हमारे निबंध को अंत तक पढ़ते रहे आज आपको काफी जानकारी प्राप्त होने वाली है।

Azadi ka amrit Mahotsav 2022
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आजादी का अमृत महोत्सव 10 लाइन मे|Azadi ka Amrit Mahotsav Essay in hindi 10 line

  1. भारत एक लंबे समय तक अंग्रेजों का गुलाम रहा और उनके दिए गए आदेश और निर्देशों पर ही काम करता रहा, लेकिन सभी देशवासी के मन में स्वतंत्रता प्राप्त करने की इच्छा थी और यही इच्छा ही एक दिन आत्मविश्वास और जुनून में बदल गई।
  2. आजादी प्राप्त करने के लिए भारत ने समय-समय पर बहुत सारे आंदोलन चलाए जिनमें कुछ आंदोलन सफल हुए तो कुछ आंदोलन असफल साबित हुए।
  3. स्वतंत्रता की लड़ाई के लिए बहुत सारे भारतवासी शहीद भी हुए जिनमें कुछ लोग ऐसे थे जिनकी उमर बहुत कम थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने विरोधी को कड़ी चुनौती दी और उनका डटकर सामना अपनी आखिरी सांस तक किया।
  4. इन सब कुर्बानियों के बाद और 100 वर्ष से भी लंबे संघर्ष के बाद भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त कर ली और आजाद भारत की नींव रखी।
  5. आजादी का अमृत महोत्सव किसी विशेष धर्म जाति या राज्य के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण भारत के लिए होता है और संपूर्ण भारत इस महोत्सव को मनाता है और उसकी तैयारियां करता है।
  6. आजादी का अमृत महोत्सव सभी सरकारी संस्थान में धूमधाम से मनाया जाता है स्कूलों में बहुत अच्छे से तैयारियां की जाती है और बच्चों को आजादी के संघर्ष की कहानियां बताई जाती है ताकि वह जान सके कि भारत को स्वतंत्रता प्राप्त करने में कितना संघर्ष करना पड़ा और कितने समय बाद उन्हें स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
  7. आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए कुछ राजनीतिक पार्टियां अपनी रैलियां भी निकालती हैं ताकि वह इस का महत्व लोगों को बता सके हालांकि कोरोना के इस समय में यह रेलिया हो सकता है इस बार ना निकल पाए लेकिन जहां-जहां अनुमति मिलेगी वहां रिलियां ज़रूर निकाली जाएंगे।
  8. देश में जितने भी सरकारी भवन है उन सब में राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है और कार्यक्रम कराया जाता है।
  9. स्कूल में भी बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं और अपने कला के माध्यम से आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हैं।
  10. आजादी के अमृत महोत्सव का महत्व पूरे भारतवर्ष में अधिक है, यह किसी जाति का यह धर्म का त्यौहार नहीं बल्कि पूरे भारत का त्यौहार है और पूरा भारत इस महोत्सव को मनाता है क्योंकि आजादी की लड़ाई में कोई विशेष धर्म या जाति नहीं लड़ी थी बल्कि सभी भारत वासियों ने एक साथ संघर्ष किया था और आजादी प्राप्त की थी।

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आजादी का अमृत महोत्सव निबंध 100 शब्दों में|Azadi ka Amrit Mahotsav Essay in hindi 100 words

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च के महीने में गुजरात के साबरमती आश्रम से स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव की शुरुआत की थी और उन्होंने यह कहा था कि राष्ट्र का गौरव तभी जागृत होता है जब हम अपने स्वाभिमान और बलिदान को याद करते हैं और उसे अगली पीढ़ी को भी बताते हैं, इसलिए आजादी का अमृत महोत्सव का महत्व वर्तमान समय में बहुत अधिक है क्योंकि आज आजादी को 70 साल से भी अधिक हो गए हैं लेकिन अभी भी ऐसे बहुत सारे युवा है जो आजादी के संघर्ष को करीब से नहीं जानते हैं और उन्हें बलिदान की कहानियां भी नहीं पता है इसलिए आजादी के महोत्सव के माध्यम से उन सभी लोगों को आजादी के सही मायने बताने बहुत जरूरी है।

आजादी का अमृत महोत्सव निबंध 150 शब्दों में|Azadi ka Amrit Mahotsav Essay in hindi 150 words

आजादी का अमृत महोत्सव हमें यह अवसर देता है कि हम अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपने इतिहास को और भी करीब से जाने, क्योंकि जब आप आजादी के संघर्ष के बारे में पढ़ेंगे और उस को करीब से जानने का प्रयास करेंगे तो आपको पता लगेगा कि भारत ने कैसे-कैसे वीरों को जन्म दिया है और उन लोगों में इतना आत्मविश्वास था, और देश को लेकर इतना प्रेम था कि वह अपने प्राण भी त्याग करने को तैयार थे ।

यही कारण भी है जो बहुत सारे लोग आजादी के संघर्ष में आजादी की लड़ाई लड़ते लड़ते शहीद हो गए, और जाते जाते भी उन सब ने आजादी का नारा लगाया और स्वतंत्र भारत का ख्वाब देखा, और यही कारण भी की भारत को अपने संघर्ष का परिणाम मिला और भारत ब्रिटिश शासन से मुक्त होकर 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हो गया

आजादी का अमृत महोत्सव पर निबंध 200 शब्द|Azadi ka Amrit Mahotsav Essay in hindi 200 words

परिचय

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि 2021 में भारत की आजादी को 75 साल पूरे हो जाएंगे, जो कि किसी भी भारतवासी के लिए गौरव की बात है इसलिए इस महोत्सव को मनाना बहुत ज्यादा आवश्यक है ताकि हम अपने अंदर के देश प्रेम को जागरूक कर सके और एक समझदार नागरिक के तौर पर भारत का विकास कर सके।

आजादी के बाद की समस्या

हम सभी जानते हैं कि भारत को बहुत ज्यादा संघर्ष और बलिदान के बाद आजादी प्राप्त हुई लेकिन आजादी मिलने के बाद भी भारत की मुश्किलें कम नहीं हुई थी कि की स्वतंत्रता प्राप्ति के तुरंत बाद ही देश में बंटवारा किया गया और धर्म के आधार पर एक नया देश पाकिस्तान बनाया गया, उस समय ऐसे बहुत सारे लोग थे जो अपने घर को छोड़कर नए देश में नहीं जाना चाहता है लेकिन उन लोगों को मजबूरन अपना घर छोड़कर एक नए देस्ग में जाना पड़ा और यह दोनों ही तरफ से हुआ।

यह सब होने के बाद भारत की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर पड़ा था ऐसी स्थिति में भारत एक बहुत मुश्किल दौर से गुजरा, ब्रिटिश सरकार ने जाते-जाते भारत को पूरी तरह से लूट लिया था, ऐसे में दोबारा अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और सब कुछ बनाए गए कानूनों हिसाब से करना एक बड़ी चुनौती थी।

इसलिए आजादी का अमृत महोत्सव बनाना बहुत जरूरी है क्योंकि इसके माध्यम से हम आज की युवा पीढ़ी को यह बता सकते हैं कि भारत को आजादी के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा और आजादी के बाद भी भारत में किन किन चुनौतियों का सामना किया और किस तरह से गिरती हुई अर्थव्यवस्था को भारत ने संभाला।

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आजादी का अमृत महोत्सव पर निबंध 300 शब्दों |Azadi ka Amrit Mahotsav Essay in hindi 300 words

परिचय

सभी भारत वासियों के लिए 75 व स्वतंत्रता दिवस मनाना एक गर्व की बात है, क्योंकि स्वतंत्रता पाने में हमारे देशवासियों का बहुत बड़ा योगदान है 100 वर्ष से ज्यादा लंबे चले संघर्ष के बाद भारत को स्वतंत्रता प्राप्त हुई और इसके लिए बहुत से लोगों ने शहीद होकर इस देश को आजाद कराया।

आजादी के अमृत महोत्सव का महत्व बहुत अधिक है क्योंकि हमारे देश को आजाद हुए 7 दशक पूरे हो गए हैं जिसका अर्थ यह है कि आजाद भारत में तीन पीढ़ियां जन्म ले चुकी है, जिनमें पहली पीढ़ी तो वही है जिन्होंने आजादी के लिए संघर्ष किया और बहुत कुर्बानियां दी और दूसरी पीढ़ी वह रही जिन्होंने अपने दादा या अपने पिता से आजादी की कहानियां सुनी और इस संघर्ष के बारे में करीब से जाना, लेकिन वर्तमान समय मे जो तीसरी पीढ़ी है उन्हें आजादी के बारे में इतना ज्यादा ज्ञान नहीं है उन्हें नहीं पता है कि भारत को आजाद कराने में कितना संघर्ष करना पड़ा है और लोगों ने कितने ज्यादा कुर्बानियां दी हैं।

नई पीढ़ी

हालाकी किताबों के माध्यम से आज की पीढ़ी ने थोड़ी बहुत जानकारी हासिल की है लेकिन आजादी के संघर्ष को करीब से नहीं जान पाए हैं इसीलिए आजादी का अमृत महोत्सव इसलिए भी बहुत जरूरी है ताकि हम अलग अलग तरीके से आज की पीढ़ी को आजादी के बारे में बता सके और संघर्ष की कहानी ठीक तरह से उनको बता सके, ताकि उनके मन में देश प्रेम और अधिक हो जाए और वह अपने देश को लेकर और जिम्मेदार हो जाए।

सांस्कृतिक कार्यक्रम

इसके लिए सभी स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं और उन कार्यक्रम के माध्यम से आजादी की कहानी लोगों तक पहुंचाई जाती है, इसमें देश भक्ति गीत नाटक शामिल होते हैं, इसके अलावा स्कूल के अध्यापक आजादी के ऊपर एक अच्छी स्पीच तैयार करते हैं और विस्तार से स्कूल के बच्चों को सरल शब्दों में आजादी के संघर्ष की कहानी बताते हैं और साथ ही यह बताते हैं कि आजादी पाने के लिए लोगों को कितनी ज्यादा कुर्बानियां देनी पड़ी।

इस सबसे स्कूल के बच्चों को काफी कुछ जानने का मौका मिलता है और वह आजादी को लेकर अपनी समझ बना पाते हैं और स्वतंत्रता का असली मतलब समझ पाते हैं।

आजादी के अमृत महोत्सव पर निबंध 500 शब्दों |Azadi ka Amrit Mahotsav Essay in hindi 500 words

परिचय

इस वर्ष 2021 में भारत को स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे हो जाएंगे जो कि सभी के लिए एक गर्व की बात है लेकिन भारत में वर्तमान समय में जो युवा पीढ़ी है जिनकी उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच में है वह आजादी के संघर्ष को इतना बेहतर ढंग से नहीं जानते हैं और आजादी का महत्व उन्हें इतना अधिक नहीं पता है हलाकि किताबों और स्कूल में पढ़ाए गए पाठ से उन्हें आजादी के बारे में काफी जानकारी है लेकिन वह करीब से इसकी संघर्ष की कहानी को नहीं जानते हैं कि भारत को आजाद कराने के लिए किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा और क्या-क्या कुर्बानियां भारत को देनी पड़ी।

आज भारत को एक बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश कहा जाता है क्योंकि भारत में युवाओं की संख्या बहुत अधिक है जो अपनी काबिलियत से लगातार तरक्की कर रहे हैं और देश के विकास में सहायता कर रहे है, लेकिन भारत ने एक बुरी अर्थव्यवस्था का दौर देखा है जब आजादी के बाद भारत को बटवारा देखना पड़ा और उस समय के बाद भारत की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से टूट चुकी थी लेकिन फिर भी लगातार प्रयास के बाद और देश प्रेम के दम पर भारत एक बार फिर अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करता नजर आया और विश्व में अपनी जगह भी बनाई।

भारत और सफलताएं

आज भारत उन देशों में गिना जाता है जिसके पास परमाणु हथियार हैं और यही नहीं भारत एक ऐसा देश है जिस के पास परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत है जिसमें भारत अपने सभी परमाणु हथियार सुरक्षित रख सकता है। यही नहीं चांद और मंगल पर मानव रहित मिशन भेजने वाले 5 देशों की सूची में भारत का भी नाम शामिल है जो कि हर भारतवासी के लिए गर्व की बात है। बात की जाए उत्पादन की तो इस मामले में भी भारत ने कई देशों को पीछे छोड़ा है और अपनी जगह बनाई है।

भारत सरकार भी लगातार अपनी योजनाओं के माध्यम से लोगों तक सेवाएं पहुंचाती रहती है और सबका साथ सबका विकास के नारे के साथ कार्य करती है और इससे भारत का भी विकास होता है। इन सभी बातों पर ध्यान देना आवश्यक है क्योंकि जब आप इन सभी बातों पर ध्यान देंगे तो आपको गर्व महसूस होगा कि आप भारतवासी हैं और आप भारत जैसे देश में पैदा हुए हैं, इसलिए आजादी का अमृत महोत्सव मनाना बहुत जरूरी है।

आजादी के अमृत महोत्सव पर अलग-अलग तरीके से कार्यक्रम करके लोगों के मन में देश प्रेम को जागरूक किया जाता है और उन शहीदों को याद किया जाता है जिन्होंने आजादी के संघर्ष की लड़ाई लड़ी और जो सभी लोगों ने स्वतंत्रता का सपना देखा था उसे पूरा किया। इसके अलावा आजादी के अमृत महोत्सव के माध्यम से हम आज की युवा पीढ़ी को आजादी के संघर्ष के बारे में विस्तार से बता सकते हैं और उन्हें उन सभी चुनौतियों से अवगत करा सकते हैं जो भारत को स्वतंत्रता दिलाने में सामने आई, क्योंकि हमें अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपने इतिहास को भी याद करना जरूरी है क्योंकि यह भारत का वह इतिहास है जो किसी को भी आत्मविश्वास से भर देगा।

Azadi ka Amrit Mahotsav Essay in hindi Pdf|आज़ादी का अमृत महोत्सव निबंध की पीडीएफ

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Azadi ka Amrit mahotsav essay in hindi केलिए अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब

आजादी का अमृत महोत्सव कब से कब तक मनाया जाता है?

आजादी का अमृत महोत्सव 75 सप्ताह तक मनाया जाता है और इन सप्ताह में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं और उनके माध्यम से लोगों के मन में देश प्रेम को जागरूक किया जाता है, इस बार आजादी का अमृत महोत्सव 12 मार्च से शुरू हुआ था जो अगले 75 सप्ताह तक चलेगा।

आजादी का अमृत महोत्सव पर जरूरी नारे?

“जिन वीरों पर हमें गर्व है आजादी होनी है का पर्व है”
“कहती भारत की आबादी है जान से भी प्यारी आजादी है”
“स्वतंत्रता अधूरी जिनके बिन है यह उन्हीं शहीदों का दिन है”
“गांधी सुभाष और भगत सिंह यही है आजादी के चिन्ह”

आजादी का अमृत महोत्सव कहां से शुरू हुआ था?

आजादी का अमृत महोत्सव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख द्वारा गुजरात से शुरू हुआ था।

प्रधानमंत्री द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव कहा किये

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी का मृत्यु महोत्सव की शुरुआत मार्च महीने में गुजरात के साबरमती आश्रम में की थी और उन्होंने स्वतंत्रता के बारे में विस्तार से लोगों को बताया था।

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