Chhat Puja Essay in Hindi|छठ पूजा पर निबंध(10 लाइन,250,400,500,600,800,1000 words)

Chhat Puja Essay in Hindi:-अगर यह सवाल किया जाए कि भारत कब ज्यादा खूबसूरत लगता है तो इसका सीधा सा जवाब यह है कि भारत में जब त्यौहारों का समय आता है तब भारत और ज्यादा खूबसूरत और प्यारा लगता है, आपने भी कभी ना कभी यह महसूस किया होगा कि जब भी भारत में कोई त्यौहार आने वाला होता है तो उसकी एक अलग ही खुशबू कुछ दिन पहले से ही सब तरफ फैल जाती है और ऐसा प्रतीत हो जाता है कि कुछ दिन बाद कोई बड़ा त्यौहार भारत में मनाया जाएगा।

आज अपने इस आर्टिकल में हम आपको भारत के 1 बड़े त्योहार छठ पूजा के बारे में थोड़ा विस्तार से बताने का प्रयास करेंगे की छठ पूजा किस तरह से मनाई जाती है और इसका महत्व कितना अधिक है हमारे लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

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छठ पूजा पर निबंध 10 लाइन में(Chhat Puja Essay in Hindi 10 lines)

  1. भारत में छठ पूजा का महत्व बहुत अधिक है खासकर बिहार उत्तर प्रदेश मे छठ पूजा को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है और इसकी तैयारी कई दिन पहले से ही शुरू कर दी जाती है।
  2. उत्तर प्रदेश और बिहार के अलावा नेपाल के तराई क्षेत्रों में छठ पूजा को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।
  3. छठ पूजा में भगवान सूर्य और छठ माता की आराधना की जाती है।
  4. छठ पूजा के दिन घरों को सजाया जाता है और बिहार और नेपाल के अलावा झारखंड मे बहुत उत्साह के साथ यह त्यौहार मनाया जाता है।
  5. छठ चार दिन का त्यौहार है जो 4 दिन तक चलता है।
  6. छठ पूजा के दिन गंगा के पवित्र जल से नहाया जाता है और उसके बाद पकवान बनाए जाते हैं।
  7. छठ पूजा के दिन अधिकतर लौकी की सब्जी, चने की दाल और रोटी बनाई जाती है।
  8. छठ पूजा के दूसरे दिन को खरना के नाम से जाना जाता है।
  9. इस दिन बहुत से लोग व्रत रखते हैं और वह लोग प्रसाद बनाते हैं, और प्रसाद में अधिकतर खीर बनाई जाती है।
  10. छठ पूजा के चौथे दिन लोग अपना व्रत पूरा कर लेते हैं और सभी महिलाएं और पुरुष प्रसाद खाकर अपना व्रत पूरा कर लेते हैं।

छठ पूजा पर निबंध 250 शब्दों मे(Chhat Puja Essay in Hindi 250 words)

परिचय

ऐसा माना जाता है कि छठ पूजा की शुरुआत महाभारत के समय से ही हो गई थी जब सूर्यपुत्र कर्ण घंटों पानी में खड़े होकर सूर्य की पूजा किया करते थे, यह भी माना जाता है कि परिवार की लंबी आयु के लिए द्रोपदी ने भी सूर्य की पूजा की थी।

छठ पूजा के व्रत का महत्व इसलिए अधिक माना जाता है क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि यदि कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में कुछ पाना चाहता है तो वह छठ पूजा का व्रत रख कर अपनी मनोकामना पूरी कर सकता है, लेकिन छठ का व्रत इतना आसान नहीं होता उसमें बहुत सी कठिनाइयां आती है लेकिन जो भी व्रत रखता है उसकी सभी मनोकामना पूरी हो जाती है और यदि कोई महिला संतान की प्राप्ति के लिए व्रत रखती है तो उसे संतान अवश्य प्राप्त होती है।

इसके अलावा महिलाओं के साथ साथ पुरुष भी इस व्रत को रखते हैं ताकि वह अपने कार्य में सफल हो सके और जीवन में सफलता की तरफ तेजी से बढ़ सके।

भारत में कुछ जगहों पर छठ पूजा उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है बात की जाए बिहार और झारखंड के क्षेत्रों में तो वहाँ छठ पूजा की तैयारी कई दिन पहले से ही शुरू कर दी जाती है, लेकिन अब धीरे-धीरे लगभग पूरे भारत में ही छठ पर्व को मनाया जाने लगा है, और लगभग सभी जगह के लोग छठ पर्व का उत्साह और धूमधाम से मनाते हैं।

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छठ पूजा पर निबंध 400 शब्द(Chhat Puja Essay in Hindi 400 words)

परिचय

उत्तर भारत में मनाए जाने वाले इस त्योहार का महत्व बहुत अधिक है खासकर बिहार और झारखंड में छठ पूजा की तैयारियां बड़े धूमधाम से की जाती है, जो लोग रोजगार और अन्य कार्यों के लिए अपने घर से दूर रहते है वह छठ पूजा मनाने के लिए समय पर अपने घर पर पहुंच जाते हैं और परिवार के साथ इस त्यौहार का आनंद लेते हैं।

छठ पूजा कितने दिन चलती है?

छठ पूजा के पहले दिन को नहाए खाए के नाम से जाना जाता है और छठ पूजा के दूसरे दिन को खरना के नाम से जाना जाता है और दूसरे दिन ही महिला एवं पुरुष व्रत रखते हैं। इस त्यौहार के तीसरे दिन को संध्या और छठ पूजा के नाम से भी जाना जाता है। और चौथे दिन लगभग 8:00 से 9:00 के बीच इस पूजा का समापन हो जाता है।

छठ पूजा और व्रत

छठ पर्व कार्तिक माह के 6वे शुक्ल पक्ष में मनाया जाता है, इस पर्व का महत्व इस तरह से समझा जा सकता है कि महिलाएं और पुरुष अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए 3 दिन तक व्रत रखते हैं और चौथे दिन अपना व्रत पूरा करते हैं और प्रसाद खाकर अपना व्रत खोलते हैं, ऐसा माना जाता है कि जो भी महिला एवं पुरुष यह व्रत रखते हैं उन सभी की मनोकामनाएं पूरी होती हैं अधिकतर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए और संतान प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं और अधिकतर पुरुष अपने कार्य में सफल होने के लिए यह व्रत रखते हैं

ऐसा कहा जाता है कि जो भी व्रत रखता है छठ माता उसकी सभी मनोकामना पूरी कर देती है यह कार्तिक महीने के 6 दिन मनाया जाता है इसलिए छठ के नाम से लोग जानते हैं, ऐसा कहा जाता है कि भगवान सूर्य की एक बहन थी जिनका नाम छठ माता था और छठ माता को ही प्रभावित करने के लिए लोग सूर्य की आराधना करते हैं ताकि उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सके।

कुछ समय पहले तक छठ पर्व को सिर्फ उत्तर भारत में ही मनाया जाता था और बाकी क्षेत्रों में कोई छठ पर्व के बारे में जानता भी नहीं था लेकिन धीरे-धीरे समय बदल रहा है और इसकी मान्यताएं भी बढ़ती जा रही है वर्तमान समय में भारत के लगभग हर क्षेत्र में छठ पर्व को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है इसके अलावा आज भारत से बाहर भी कई देशों में छठ पर्व को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

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छठ पूजा पर निबंध 500 शब्द(Chhat Puja Essay in Hindi 500 words)

परिचय

छठ पूजा एक विश्वास का त्योहार है जिसे बहुत ज्यादा विश्वास के साथ मनाया जाता है, क्योंकि छठ पर्व पर 3 दिन तक अपनी मनोकामना को पूरा कराने के लिए व्रत रखा जाता है और इस 3 दिन में बहुत सारे नियम भी होते हैं जिस का कड़ाई से पालन किया जाता है ताकि व्रत पूरी तरह से सम्पन्न हो सके, व्रत रखने वाले सभी महिलाएं और पुरुष खाना नहीं खाते हैं लेकिन फिर भी उन सभी में उत्साह देखा जाता है और इस त्यौहार के प्रति पूरी श्रद्धा देखी जाती है।

ऐसा माना जाता है कि ज़ब भगवान राम और सीता 14 वर्षों के वनवास के बाद वापस लौटे थे तो उन्होंने भी यही पूजा की थी।

छठ क्यों मनाया जाता है?

एक राजा हुआ करते थे जिनका नाम प्रियव्रत था उनकी कोई संतान नहीं थी बहुत प्राथना के बाद उनकी एक संतान हुई लेकिन वह भी मृत पैदा हुई यह जानने के बाद राजा बहुत ज्यादा दुखी हो गया और उसी छण वह अपनी मृत्यु की भी कामना करने लगा और अपने मित्र बच्चे को लेकर शमशान की तरफ बढ़ने लगा, लेकिन तभी उसी बीच एक देवकन्या प्रकट हुई और उन्होंने कहा कि उन्हें देवी पष्टि की प्रार्थना करने से संतान की प्राप्ति हो जाएगी, यह देवकन्या असल में देवी पष्टि ही थी।

राजा ने देवी पष्टि की सभी बातों का पालन किया और कुछ समय बाद राजा को पुत्र के रूप में एक संतान प्राप्त हुई तभी से ही इस पर्व को मनाए जाने लगा और लोग व्रत रखने लगे, ऐसा कहा जाता है कि छठ पर्व के दिन जो भी व्रत रखता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।

भारत में हर त्यौहार को बहुत ज्यादा महत्व दिया जाता है और यही कारण है कि छठ पूजा को भी बहुत उत्साह के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में मनाया जाता है, दिवाली गोवर्धन पूजा, भाई दूज इन त्योहारों के बाद छठ पर्व को मनाया जाता है।

आपने कभी ना कभी खस्ता या ठेकुआ का नाम तो सुना होगा या हो सकता है आपने खाया भी हो दरअसल छठ पर्व पर यह दो पकवान बनाए जाते हैं और सभी लोग छठ पर ठेकुआ और खस्ता खाना बहुत ज्यादा पसंद करते हैं। इस त्यौहार का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि इसकी तैयारी परिवार का हर सदस्य करता है और एक दूसरे की मदद करता है साथ ही नए कपड़े पहने जाते हैं और जो महिलाएं और पुरुष व्रत रखते हैं वह 3 दिन तक प्रसाद या खाना नहीं खाते हैं और 3 दिन बाद वह प्रसाद ग्रहण करके अपना व्रत खोलते हैं।

निष्कर्ष

अंत में हम आपसे यही कहना चाहेंगे कि छठ पूजा भारत में अन्य त्योहारों की तरह ही बहुत धूमधाम से और उत्साह के साथ मनाया जाता है और इसकी तैयारियां लोग कई दिन पहले से ही शुरु कर देते हैं, यहां तक कि जो लोग अपने घर से दूर रहते हैं और रोजगार या अन्य कारणों से उन्हें अपना घर छोड़कर बाहर जाना पड़ता है वह छठ पर्व मनाने अपने घर जरूर आते हैं और अपने परिवार से मिलते हैं ताकि इस त्यौहार को और उत्साह के साथ मनाया जा सके।

छठ पूजा पर निबंध 800 शब्दों में(Chhat Puja Essay in Hindi 800 words)

परिचय

भारत में जब भी बड़े त्यौहार आते हैं तब लोग अपनी सभी समस्याओं को थोड़े समय के लिए भुलाकर सिर्फ त्यौहार मनाते हैं और पूरे उत्साह और हर्षोल्लास के साथ भारत में त्यौहार मनाए जाते हैं, जब भी कोई बड़ा त्यौहार आता है तो उसके आने की खुशी कई दिन पहले से ही मनाई जाने लगती है जैसे नए कपड़े खरीदना,पकवान की खरीदारी करना और बाजार जाना और वहां से अपने लिए आकर्षक वस्तुएं खरीदना, इतना ही नहीं भारत में जब भी कोई बड़ा त्यौहार मनाया जाता है तो घरों को भी सजाया जाता है और घर में कुछ अच्छे बदलाव किए जाते हैं ताकि घर सुंदर और आकर्षक लगे ठीक उसी तरह से छठ पूजा के समय भी यह सभी चीजें की जाती हैं और लोग पूरे हर्षोल्लास के साथ इस त्योहार को मनाते हैं।

छठ पूजा भारत के किन क्षेत्रों में अधिक मनाई जाती है?

छठ पूजा उत्तर भारत, बिहार, उत्तर प्रदेश और असम के कुछ क्षेत्रों में और खासकर झारखंड में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है यदि आप इन स्थानों पर जाकर छठ पूजा के बारे में जानना चाहते हैं तो आपको एक बार जरूर जाना चाहिए आपको छठ पूजा का महत्व पता लगेगा तो आप जानेंगे कि छठ पूजा को इतनी धूमधाम से क्यों मनाया जाता है। जैसा कि आप जानते हैं कि आजकल लोग रोजगार के कारण और अन्य कारणों की वजह से अपने घर से दूर रहते हैं और भारत के अलग-अलग राज्यों में कार्य करते हैं और यही कारण है कि आज लगभग भारत के हर हिस्से में छठ पूजा मनाई जाती है और लोग अपने अपने तरीके से छठ पूजा करते हैं।

अपने घर से दूर रहने वाले अधिकतर लोग यह प्रयास करते हैं कि वह छठ पूजा के दिन अपने घर पर पहुंच सके और अपने परिवार से मिल सके ताकि इस त्यौहार को और उत्साह के साथ मनाया जा सके लेकिन कुछ लोग कुछ कारणों की वजह से अपने घर नहीं पहुंच पाते हैं और वह जहां रहते है उसी स्थान पर इस त्यौहार को धूमधाम से मनाते हैं।

छठ पूजा में लोग सूर्य भगवान की बहन छठ माता को प्रभावित करने के लिए उपवास रखते हैं यह उपवास 3 दिन तक होता है इस बीच जो महिलाएं और पुरुष व्रत रखते हैं वह अन्न नहीं खाते हैं और प्रसाद भी नहीं खाते हैं हालांकि 3 दिन बाद जब इस उपवास का समापन होता है तो प्रसाद खाकर ही इस व्रत को खोला जाता है।

छठ पूजा के चारों दिन उगते हुए सूरज से प्रार्थना की जाती है और डूबते हुए सूरज से भी प्रार्थना की की जाती है ताकि उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सके अधिकतर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु या फिर संतान प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं और वहीं कुछ पुरुष भी इस व्रत को रखते हैं ताकि उन्हें अपने जीवन में और सफलता मिल सके और उनके परिवार पर किसी तरह की कोई समस्या ना आए।

आपसी रिश्ते मजबूत करता है छठ पूजा

छठ पूजा पर लोग अपने रिश्तेदारों से अपने करीबियों से मिलते हैं ताकि उनके बीच और मजबूत रिश्ता बन सके, जिस दिन सभी लोग अपने गिले शिकवे मिटाने की कोशिश करते हैं और एक दूसरे से पहले की तरह मिलते हैं ताकि उनके बीच किसी तरह का कोई तनाव ना रहे और साथ मिलकर छठ पूजा का त्यौहार मनाया जा सके।

हलाकि बहुत सी महिलाएं और पुरुष इस दिन व्रत रखते हैं और वह खाना नहीं खाते हैं लेकिन फिर भी छठ पूजा पर खस्ता, ठेकुआ जैसे पकवान बनाए जाते हैं और लोग इनका आनंद उठाते हैं, महिलाएं एवं पुरुष 3 दिन तक उपवास रखने के बाद भी पूरे उत्साह के साथ इस त्योहार को मनाते हैं मानो उन्होंने उपवास रखा ही ना हो उन्हें देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि 3 दिन भूखे रहने के बाद भी उन्हें भूख नहीं लग रही है शायद यही इस त्यौहार की खूबसूरती है।

इस त्यौहार को बहुत ज्यादा विश्वास के साथ मनाया जाता है लोगों का विश्वास इस त्यौहार के प्रति बहुत अधिक है इसलिए छठ पूजा आने से कुछ दिन पहले ही लोग इसकी धूमधाम से तैयारियां करते हैं और व्रत रखकर अपनी मनोकामनाएं पूरी कराते हैं और जितने भी लोग व्रत रखते हैं उनको यह पूरा विश्वास होता है कि उनके व्रत रखने के बाद उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाएंगी और अधिकतर लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती भी है।

निष्कर्ष

यही कारण है कि छठ पूजा आने से पहले ही हमें यह पता लग जाता है कि भारत में कोई बड़ा त्यौहार आने वाला है क्योंकि छठ पूजा मनाने वालों की संख्या भारत में अधिक है और धीरे-धीरे संख्या लगातार बढ़ती जा रही है वर्तमान समय में भारत के लगभग हर क्षेत्र में छठ पूजा मनाई जाती है।

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छठ पूजा पर निबंध 1000 शब्दों में(Chhat Puja Essay in Hindi 1000 words)

परिचय

भारत में दिवाली आने से पहले ही ऐसा प्रतीत हो जाता है कि भारत में त्यौहार आ गए हैं और लोग इन की तैयारियों में लग जाते हैं क्योंकि दिवाली के बाद भी कुछ बड़े त्यौहार भारत में मनाए जाते हैं जिसका महत्व सभी जगह पर बहुत अधिक है, दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज के बाद सबसे ज्यादा उत्साह और धूमधाम से मनाया जाने वाला त्यौहार छठ पूजा है, अगर आप उत्तर भारत या बिहार में रहते हैं तो आप जानते होंगे कि छठ पूजा का महत्व कितना अधिक है क्योंकि इन छेत्रो में सबसे ज्यादा धूमधाम से छठ पूजा मनाई जाती है इसके अलावा असम के कुछ क्षेत्रों में और झारखंड में छठ पूजा का उत्साह देखने को मिलता है।

छठ पूजा क्यों मनाई जाती है?

छठ पूजा मनाने के पीछे बहुत सारी कहानियां है और अलग-अलग तरह के विश्वास है,

(1) ऐसा माना जाता है कि महाभारत के समय पर जब पांडवों ने अपना सब कुछ खो दिया था और उनके पास कुछ नहीं था तब द्रौपदी ने यह पूजा की थी और उसके बाद उसकी सभी मनोकामना पूरी हो गई थी और एक बार फिर से वह धन्य हो गई थी।

(2) यह कहा जाता है कि भगवान राम और सीता जी जब वनवास से लौटे थे तो उन्होंने 3 दिन तक उपवास रखा था और छठ माता की पूजा की थी और उसके बाद से ही छठ पूजा सभी लोगों ने मनानी शुरू कर दी।

(3) बहुत समय पहले एक राजा हुआ करता था जिनका नाम प्रियव्रत था काफी प्रार्थना के बाद भी उनकी कोई संतान नहीं हो रही थी उनकी एक संतान हुई थी तो वह भी मृत ही पैदा हुई जिसके बाद से राजा बहुत ज्यादा निराश हो गए थे और वे जब अपने मृत बच्चे को लेकर शमशान की तरफ बढ़ रहे थे तभी उन्होंने खुद को मारने का भी सोचा लेकिन तभी देवी कन्या प्रकट हुई यह देवी पष्टि ही थी, उन्होंने कहा खुद को मारने की जगह आप छठ माता की पूजा करें आपकी प्रार्थना अवश्य पूरी होगी उसके बाद राजा ने खुद को एक मौका दिया और छठ माता की पूजा की और उसके बाद उन्हें एक पुत्र की प्राप्ति भी हुई उसके बाद से इस त्यौहार को मनाया जाने लगा।

छठ माता की प्रार्थना क्यों की जाती है?

छठ पूजा इसीलिए की जाती है ताकि छठ माता को प्रभावित किया जा सके और अपनी मनोकामनाएं पूरी की जा सके लेकिन यह जाना भी जरूरी है कि छठ माता की ही प्रार्थना क्यों की जाती है,

(1) छठ माता सभी को आशीर्वाद देती है कि वह अपने जीवन में सुख रह सकें, लेकिन मनुष्य जीवन में बहुत सारी समस्याओं के कारण वे जीवन सुखी नहीं रह पाता इसलिए लोग छठ पूजा पर छठ माता से प्रार्थना करते हैं कि उनके जीवन में सुख आ जाए और जितनी भी समस्या है उन सब का निदान हो जाए इसलिए महिला एवं पुरुष दोनों ही 3 दिन तक उपवास या व्रत रखते हैं ताकि छठ माता उनकी मनोकामना को पूरी कर दे।

(2) जिस तरह से राजा प्रियव्रत को छठ माता की पूजा करने पर और उनसे प्रार्थना करने पर उन्हें संतान प्राप्त हो गई थी उसी विश्वास को ध्यान में रखते हुए आज भी लोग इसी विश्वास के साथ छठ माता से प्रार्थना करते हैं कि उनकी भी संतान हो जाए और उनके पति की आयु में वृद्धि हो जाए अधिकतर महिलाएं इसीलिए व्रत रखती है ताकि उन्हें संतान प्राप्त हो और उनके पति की आयु लंबी हो साथ ही पुरुष इसलिए व्रत रखते हैं ताकि उनके परिवार पर किसी तरह की कोई समस्या ना आए और उन्हें जीवन में सफलता मिलती रहे।

(3) भारत में त्योहारों के प्रति विश्वास बहुत अधिक होता है हम हर त्यौहार को पूरी आस्था, श्रद्धा के साथ मनाते हैं, और छठ पूजा के प्रति विश्वास लोगों का महाभारत के समय से ही रहा है और यही कारण है कि आज भी लोग बहुत ज्यादा विश्वास करते हैं और अपनी सभी समस्याओं के निदान के लिए छठ पूजा पर छठ माता की आराधना करते हैं, और पूरे दृढ़ विश्वास के साथ उनसे प्रार्थना करते हैं और यही कारण भी है अधिकतर लोगों की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

(4) भारत में मनाए जाने वाले हर त्योहार के पीछे कोई ना कोई ऐतिहासिक घटना जरूर होती है जो हमें सुखी जीवन जीने का संदेश देती है लेकिन मनुष्य अक्सर अपनी समस्याओं में इतना उलझ जाता है कि उसे कोई रास्ता नजर नहीं आता है ऐसी स्थिति में यह त्यौहार उम्मीद बनकर आते हैं जब भगवान से समस्याओं का निदान मांगते है और काफी हद तक निदान मिलता भी है, ठीक उसी तरह से छठ पूजा का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि इसके पीछे भी ऐतिहासिक घटनाएं हैं जो इस बात को दर्शाती है कि जिन भी लोगों ने छठ माता की पूजा की उनको लाभ जरूर हुआ और इसी विश्वास के साथ आज भी भारत के अलग-अलग जगहों पर छठ पूजा की जाती और धूमधाम से इस त्यौहार को मनाया जाता है।

निष्कर्ष

अगर आप भी छठ पूजा त्यौहार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखते थे और आपको नहीं पता था कि छठ पूजा क्यों मनाई जाती है तो हम उम्मीद करते हैं अब तक आप हमारे लिखे गए निबंध को पढ़कर समझ गए होंगे की छठ पूजा भारत में क्यों मनाई जाती है और उसका महत्व इतना अधिक क्यों है, हमने आपको निबंध के माध्यम से यह भी बताया है कि छठ पूजा के प्रति लोगों का विश्वास इतना अधिक क्यों है और लोग 3 दिन का व्रत छठ पूजा पर क्यों रखते हैं। निबंध के माध्यम से हमने आपको बताया कि छठ पूजा की तैयारियां पूरे भारत में किस तरह से की जाती है और कितने धूमधाम से पूरे भारत में छठ पूजा मनाई जाती है तो अगर आप उपरोक्त निबंध पढ़ चुके हैं तो आपको छठ पूजा के बारे में काफी जानकारी प्राप्त हो गई होगी।

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