5+Speech in Hindi:- एबं एक अच्छे भाषण की तैयारी ओर उपस्थापन।(पूरी जानकारी)

नमस्ते दोस्तों, क्या आप भी Speech in Hindi के बारे में बेहतरीन जानकारी प्राप्त करना चाहते हो?, तो हमने आपके लिए ही इस लेख में, भाषण से संबंधित पूरी जानकारी प्रदान की है। भाषण के बहुत सारे प्रकार होते है, और इसके बहुत ही अच्छे फायदे भी होते है।

किसी भी मंच पर आसानी से भाषण करना बहुत ही कम लोगों में कला होती है। मंच पर अच्छे तरीके से भाषण करने के लिए हमे बहुत सारी प्रैक्टिस करनी पड़ती है, और हमारे आत्मविश्वास को भी बढ़ाना पड़ता है।

किसी भी मंच पर आसानी से भाषण करना बहुत ही कम लोगों में कला होती है। मंच पर अच्छे तरीके से भाषण करने के लिए हमे बहुत सारी प्रैक्टिस करनी पड़ती है, और हमारे आत्मविश्वास को भी बढ़ाना पड़ता है।

Hindi speech
hindi speech की तैयारी ओर उपस्टापन

भाषण क्या है ?(what is Speech in Hindi )

भाषण का अर्थ यह होता है, कि वक्ता दर्शकों को क्या कहता है? यह प्रक्रिया पूरी तरह से दर्शकोन्मुखी प्रणाली है। यह प्रणाली का उपयोग व्यवसायी या श्रमिक नेता, राजनीतिक नेता और प्रबंधक करते है।

भाषण तनाव को कम और ज्यादा कर सकता है। कंपनी की बैठकों, सार्वजनिक सभा, संगोष्ठीयों और उद्घाटन आदि में यह प्रणाली बहुत प्रचलित है। भाषण के लिए हमारे पास काफी कौशल होना जरूरी है, वर्ना यह प्रभावी नहीं है।

भाषण एक औपचारिक बात है, जिसको वक्ता बोली जाने वाली मातृभाषा के शब्दों के माध्यम से दर्शकों को संबोधित करता है। वक्ता का भाषण सुनने के लिए दर्शकों को एक जगह इकट्ठा होना पड़ता है।

हिंदी भाषणके बिषये(Topic)

हिंदी भाषण
1 गांधी जयंती पर भाषण
2शिक्षक दिवस पर भाषण
3कोरोना पर भाषण
4प्रदूषण के ऊपर भाषण
515 आगस्त पर भाषण
6मोटिबेसनल भाषण

भाषण के प्रकार (Type of Speech in Hindi )

भाषण विविध प्रवृतियों और विभिन्न उद्देश्यों के लिए होता है, इसलिए भाषण की विभिन्न श्रेणियां है। विभिन्न प्रकार के भाषण को जानने के बाद आपको यह पता चलता है, कि आपको भाषण करते समय सार्वजनिक रूप से क्या बोलने की जरूरत है। तो भाषण के प्रकार इस तरह है:

1) मनोरंजक भाषण :

दर्शकों को खुश करना मनोरंजक भाषण का उदेश्य होता है। पारंपरिक भाषण की तुलना मे मनोरंजक भाषण दर्शकों की भावना का संचार करते है। यह औपचारिक और छोटे भाषण होते है। इस भाषण में मजेदार और हास्य की कहानियां शामिल है। हम शादी या जन्मदिन की पार्टी में अक्सर मनोरंजक भाषण का लाभ उठाते है।

2) सूचनात्मक भाषण :

किसी विशेष विषय या संदेश के लिए दर्शकों को देने वाले भाषण को सूचनात्मक भाषण कहते है। यह भाषण के लिए किसी भी प्रकार के विज्ञापनों का उपयोग नहीं किया जाता है। वक्ता दर्शकों को समझाने के लिए डेटा, तथ्यों और आकड़ाओ उपयोग करते है। यह डेटा, तथ्यों और आकड़ाओ दर्शकों द्वारा किए गए दावों में समर्थन के लिए मददरूप हो सकते है।

सामाजिक और आर्थिक विषयो का समावेश भी सूचनात्मक भाषण में होता है। सूचनात्मक भाषण से दर्शकों को किसी भी विशेष विषय पर प्रासंगिक विवरणों के साथ सूचित करते है। यह भाषण को दर्शकों के लिए एक निश्चित दृष्टिकोण या राय पर विश्वास करने के लिए डिजाइन नहीं किया गया है।

3) प्रदर्शनकारी भाषण :

दर्शकों को जिस विषय या विचार के बारे मे ज्ञान नहीं है, उस विषय या विचार के बारे में शिक्षित करने के लिए प्रदर्शनकारी भाषण दिया जाता है। यह भाषण देने के लिए वक्ता किसी भी प्रकार के दृश्यों की सहायता लेते है। प्रदर्शनकारी भाषण के साथ ही आप सूचनात्मक भाषण भी सुन सकते हो, कुछ कैसे करना है वह प्रदर्शनकारी भाषण दर्शाता है।

4) वादविवाद भाषण :

जो नियमो का पालन करता है और एक बहस कार्यक्रम के दौरान होता है, उसे वादविवाद भाषण कहते है। किसी भी प्रकार की बहस के दौरान सभी पक्षों को राय देने के लिए समान समय दिया जाता है। जहां पर वादविवाद भाषण प्रेरक रूप से यांत्रिकी का उपयोग करता है और दावे का समर्थन करने के लिए बहुत सारे सांख्यिकीय आंकड़े का उपयोग करता है।

5) प्रेरक भाषण :

दर्शकों को खुद पर खुद से ज्यादा विश्वास दिलाने और दर्शकों को प्रेरित करने के लिए प्रेरक भाषण का उपयोग किया जाता है। यह भाषण उपस्थित दर्शकों की आत्मा को जगाने और उनके आत्म-सम्मान को सुधारने के लिए भी काम करता है। प्रेरक भाषण किसी भी व्यक्ती को उनके लक्ष्यों को प्राप्त करने की ओर ले जाने में मदद करता है।

भाषण के और भी बहुत सारे प्रकार है, लेकिन हमने यहां पर सबसे ज्यादा लोकप्रिय प्रकारों की जानकारी प्रदान की है।

भाषण के लाभ :(Hindi speech Advantage)

भाषण, भाषा, निदान में सहायता और प्रवाह या निगलने से संबंधित विकारों में भाषण और भाषा उपचार का उपयोग किया जाता है। यह गतिविधियों में दूसरों के साथ खेलना, भाषा के विकास में मदद करना, बात करना और किताबों और खिलौनौ के विचार शामिल है। यहां पर भाषण के पाँच लाभ दिए गए है।

1) सामाजिक कौशल में बढ़ावा :

भाषण के समय दूसरों के साथ बातचीत करके, उसकी बॉडी लेंग्वेज, चेहरे का भाव, आखों से संपर्क और बहुत कुछ सीख सकते है। यह सभी कौशल पर काम करने से हमे संतोषजनक समय मिल सकता है, जो सामाजिक अंतःक्रियाओ में बेहतर है। दूसरों के साथ बात करने से हमे सामाजिकता और संचार का अनुभव मिलता है और रोजमर्रा, व्यवहारिक स्थितियां के लिए तैयार होने मे मदद मिलती है।

2) मौखिक संचार कौशल में सुधार

यह बात स्पष्ट है कि संचार कौशल में सुधार भाषण और भाषा विकृति करती है। संचार कौशल का उपयोग करके हम अपनी दुनिया को अच्छे तरीके से नेविगेट कर सकते है। जहां पर हम प्रगति करना चाहते है, उस क्षेत्र से ही हमे भाषा चिकित्सा मिलती है। नकल, ध्वनि दोहराव और समन्वय गतिविधियों का उपयोग करके हम अपने आप को प्रभावी और मजेदार तरीके से व्यक्त कर सकते है।

3) आत्मविश्वास में बढ़ावा और चिंता से लड़ने में मदद :

बोलने की समस्या होने पर हमे अलग और अकेला महसूस करा सकती है। इससे आत्मविश्वास की कमी, आत्म सम्मान के मुद्दे और दूसरों से संबंधित परेशानियाँ हो सकती है। भाषण की मदद से हमारे संचार कौशल में सुधार होता है, जिससे हमारे आत्मविश्वास में बढावा होता है। आत्मविश्वास में बढावा होने से हम खुद को व्यक्त करने मे कम चिंता महसूस करते है।

4) बेहतर निगलने :

भाषण को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए भाषण की चिकित्सा निगलने के कार्य को बेहतर बनाने में मदद करती है। इस क्षेत्र मे व्यायाम विशेष रूप से प्रभावी होता है क्योंकि इसमे मौखिक मांसपेशियों होती है। भाषण स्वाद और बनावट के प्रति संवेदनशीलता के लिए भी काम करता है।

5) गैर मौखिक संकेतों की पहचान :

भाषण से ज्यादा संचार होता है। इसमे गैर मौखिक संकेतों भी शामिल होते है। हमारे शारीरिक भाषा और चेहरे के भाव विशेष रूप से भाषण करते समय कठिन हो सकते है। यह सामाजिक संकेतों को समझने और पहचानने में भाषण थेरेपी मदद करती है।

अच्छे भाषण की विशेषताएं या गुण

मौखिक संचार का एक प्रभावी माध्यम भाषण है। भाषण एक बड़ी सभा के सामने व्यक्त किया जाता है। इसलिए राजनीतिक, बैठकों या व्यवसायिक समारोहों में जानकारी प्रस्तुत करने के लिए भाषण एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप से काम करता है। भाषण तब प्रभावी हो सकता है, जब वह निम्नलिखित विशेषताओं को पूरा करता है।

  1. स्पष्टता : यह एक अच्छे भाषण की अनिवार्य विशेषता है। दर्शकों आसानी से भाषण को समझ सकें उतना स्पष्ट भाषण होना चाहिए। अगर भाषण दर्शकों को अपना अर्थ नहीं समझा सकता है, तो यह अप्रभावी हो जाता है।
  2. संक्षिप्तता : कोई भी व्यक्ती लंबे भाषण को सुनकर अधीर हो जाता है। इसलिए भाषण हमेशा संक्षिप्त होना चाहिए और अधूरा भी नहीं होना चाहिए।
  3. संदेश की निश्चितता : हमेशा भाषण का संदेश विषय वस्तु के साथ प्रासंगिक और निश्चित होना चाहिए।
  4. अनौपचारिक स्पर्श : भाषण एक औपचारिक संबोधन है, लेकिन इसको अनौपचारिक और व्यक्तिगत तरीके से प्रस्तुत करना चाहिए।
  5. दिलचस्प : दर्शकों का ध्यान प्रेरित करने के लिए भाषण दिलचस्प और मनभावक होना चाहिए। उदाहरणों, कहानियाँ, चुटकुले और उद्धरणों से भाषण को हम रोचक बना सकते है।
  6. धीरे बोलना : धीरे-धीरे और सामान्य स्वर से व्यक्त किया गया भाषण एक आदर्श भाषण होता है। धीरे-धीरे भाषण को प्रकट करने से दर्शकों को आसानी से भाषण के संदेश को समझने के मदद मिलती है।
  7. दर्शकों को ध्यान मे रखना : विशिष्ट श्रोताओ को भाषण दिया जाता है। इसलिए हमेशा वक्ता को श्रोताओ की रुचि, प्रकृति और अपेक्षाओं पर सक्रियता से विचार करके भाषण को प्रकट करना चाहिए।
  8. भावनाओं से मुक्त : निष्पक्ष और गैर भावनात्मक तरीके से प्रकट किया गया भाषण भी एक अच्छे भाषण की विशेषता है। वक्ता की भावना इन्हें मुख्य विषय से दूर कर सकती है।
  9. श्रोताओ की भागीदारी सुनिश्चित करना : वक्ता के साथ श्रोताओ की भागीदारी सुनिश्चित करना यह भी एक अच्छे भाषण की विशेषता है। इसका मतलब है कि श्रोता प्रभावी ढंग से सुनने, भाषण के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करने आदि के माध्यम से अपना ध्यान सुनिश्चित करेंगे।
  10. बॉडी लेंग्वेज का इस्तेमाल : एक अच्छा भाषण अच्छे बॉडी लेंग्वेज के साथ चलता है। इसलिए भाषण व्यक्त करते समय वक्ता को विभिन्न प्रकार के अशाब्दिक संकेतों का प्रयोग करना चाहिए।

भाषण की तैयारी या योजना

ज्यादातर लोग दूसरों के सामने बोलने मे सहज महसूस नहीं करते है। हर कोई व्यक्ती अपने प्रयास से बोलने की गुणवत्ता मे सुधार कर सकता है। हमे बोलने की तैयारी हमेशा पहले से शुरू कर देनी चाहिए। एक अच्छा भाषण व्यक्त करने के लिए हमे निम्नलिखित चरणों का पालन करना चाहिए:

  1. विषय का चयन : औपचारिक भाषण मे हमे सबसे पहले विषय को निर्धारित करना चाहिए। भाषण के विषय का चयन करने से पहले हमे उस विषय के बारे मे हमारे ज्ञान का विचार करना चाहिए, न कि दर्शकों की रुचि का विचार करना। सभी कारकों द्वारा एक अच्छे विषय का चयन करना चाहिए।
  2. प्रस्तुतिकरण की तैयारी : भाषण के विषय का चयन करने के बाद हमे उस विषय की जानकारी एकत्र करनी चाहिए, जो इस भाषण के लिए उपयोगी है। सभी जानकारी को एकत्र करने के बाद उसे व्यवस्थित करनी चाहिए। सबसे पहले अभिवादन और शुरूआत मे ध्यान आकर्षित करना प्रस्तुति के चरण मे आता है। भाषण का मुख्य भाग और अंत का निष्कर्ष दूसरे चरण में आता है। वक्ता हास्य, गपशप, प्रश्न, उध्दरण आदि का उपयोग परिचयात्मक चरण मे कर सकता है। मध्य चरण को चर्चा के लिए समर्पित करना चाहिए और निष्कर्ष में मुख्य बिंदुओं को प्रस्तुत करना चाहिए।
  3. प्रस्तुति पद्धति का निर्धारण : वक्ता अपनी प्रस्तुति को भाषण के आयोजन के साथ तैयार करता है। इस समय पर वक्ता को प्रस्तुति की विधि पर निर्णय लेने की जरूरत होती है।
  4. श्रोता विश्लेषण : श्रोताओ को जानना एक अच्छे भाषण के निर्माण की जरूरत है। प्रस्तुति से पहले और उसके दौरान वक्ता को अपने श्रोताओ का अध्ययन करना चाहिए।
  5. उपस्थिति और शारीरिक क्रियाएं : श्रोता तब वक्ता की तलाश में होते है, जब वह वक्ता का भाषण सुनते है। वे जो सुनते है वह एक संदेश का हिस्सा होता है, इसकी मदद से ही भाषण की सफलता प्रभावित होती है। श्रोताओ के देखने के संचार प्रभावों को वक्ता को समझना चाहिए। वक्ता को संचार के माहौल, मुद्रा, चेहरे के भाव, व्यक्तिगत रूप, चलने, हावभाव आदि के बारे में सावधान रहना चाहिए।
  6. आवाज का प्रयोग : अच्छे बोलने के तरीकों की एक अच्छी आवाज एक स्पष्ट जरूरत है। भाषण के संदेश पर वक्ता को अपनी आवाज को श्रोता की एकाग्रता मे बाधा नहीं डालनी चाहिए। वक्ता को भाषण के संदेश को ध्यान से नहीं हटाना चाहिए।

अच्छे भाषण के लक्षण :

एक अच्छे भाषण की विशेषताएं या लक्षण इस प्रकार है:

  • अनौपचारिक बातचीत : एक अच्छा भाषण दो व्यक्तियों के बीच अनौपचारिक और व्यक्तिगत बातचीत के करीब होता है। जब कोई भी बोलता है, तो वक्ता और श्रोता के बीच एक आदर्श रिपोर्ट बनता है।
  • स्पष्ट : स्पष्ट बातचीत करना एक अच्छे भाषण की प्रमुख विशेषता है। एक सफल भाषण विचार की स्पष्टता पर निर्भर करता है, नहीं तो इसका बुरा परिणाम प्राप्त होता है।
  • संक्षिप्त : हज़ारों दर्शकों की एकाग्रता पंद्रह से बीस मिनट तक नहीं रहती हैं। इसलिए भाषण हमेशा संक्षिप्त होना जरूरी है।
  • स्थूलता : बहुत सारी चीजे पूरे भाषण को मार देती है। किसी भी प्रकार के भाषण की सफलता उसके संक्षिप्तता के गुण पर निर्भर करती है।
  • दर्शकों उन्मुख : एक अच्छा भाषण दर्शकों की तरंग दैर्ध्यता के हिसाब से तैयार किया जाता है। भाषण देने से पहले वक्ता को कुछ बिंदुओं पर ध्यान से विचार करना चाहिए।
  • दिलचस्प : भाषण को विनोदी स्पर्श और उध्दरण उपाख्यानों दिलचस्प बनाते है। इसमे उध्दरण सिर्फ स्वीकृत अधिकारियों के रूप मे ही होना चाहिए। भाषण परिचित हुआ होना चाहिए लेकिन घिसे-पिटे हुआ नहीं होना चाहिए।

निष्कर्ष :

एक अच्छा भाषण देने से वक्ता बहुत प्रसिद्ध हो सकता है, और वहीं बुरा या कुछ शब्द गलत बोलने से काफी अलोकप्रिय भी बन सकता है। तो दोस्तों हमे यकीन है कि आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। इस लेख से संबंधित आपको किसी भी प्रकार का सवाल हो तो हमे कमेन्ट करके जरूर बताये। इस लेख से थोड़ी सी भी मदद मिली हो तो अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे।

धन्यवाद।

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